अरावली में खोरी गांव में बनने वाला जैव विविधता पार्क

जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन के प्रोत्साहन को ध्यान में रखते हुए फरीदाबाद के खोरी गांव में 150 एकड़ भूमि पर जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) पार्क विकसित करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। यह पहल अरावली की घटती हरी-भरी क्षमता को पुनर्जीवित करने और स्थानीय इकोसिस्टम को बचाने का एक सकारात्मक कदम है। /

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अंश:

  • भूमि एवं लागत – एरावली की उस भूमि सहित लगभग डेढ़ सौ एकड़ (150 एकड़) जमीन को जैव विविधता पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹28 करोड़ रखी गई है। Live Hindustan
  • मंजूरी और वित्त – नगर निगम के प्रस्ताव को हरियाणा राज्य CSR ट्रस्ट द्वारा मंजूर किया जा चुका है। यह CSR फंड से वित्त पोषित होगा। Live Hindustan
  • पूर्ववर्ती देरी के कारण – इस योजना को पहले CSR विवाद, कोरोना महामारी, और खोरी में हुई तोड़फोड़ जैसे कारणों से रोक लगी हुई थी, लेकिन अब यह पुनः शुरू की जा रही है। Live Hindustan
  • उद्देश्य – अरावली क्षेत्र के वन संरक्षण, जैव विविधता को बनाए रखना और पर्यटन को प्रोत्साहित करना मुख्य उद्देश्य हैं। Live Hindustan
  • आगे की कार्रवाई – नगर निगम की मुख्य अभियंता बीरेंद्र कर्दम ने कहा है कि कार्यम की प्रक्रिया जल्द आरंभ की जाएगी। Live Hindustan

महत्व और संभावित प्रभाव

  • पर्यावरणीय लाभ – अरावली की वनस्पतियाँ, सूक्ष्मजीव और जीव-जंतु संरक्षित रहेंगे, और वन छितराव को रोका जाएगा।
  • पर्यटन विकास – एक नया, आकर्षक पर्यटन स्थल तैयार होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।
  • स्थानीय स्तर पर जागरूकता – प्रकृति संरक्षण, पेड़-पौधों की सुरक्षा और पर्यावरण चेतना को बढ़ावा मिलेगा।

स्रोत/क्रेडिट

यह ब्लॉग पोस्ट निम्नलिखित समाचार स्रोत पर आधारित है:

  • Live Hindustan, समाचार: “खोरी गांव में जैव विविधता पार्क बनाए जाने का रास्ता साफ”, प्रकाशित 21 मार्च 2023। Live Hindustan