Update 10 August

खोरी अपडेट {236}

14 नवम्बर 2025

जिंदाबाद साथियों!

कल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का सारांश:

कल कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई लंबी चली। कल की सुनवाई में सिर्फ डबुआ फ्लैट रहने योग्य है या नहीं इसी मुद्दे पे बहस हो पाई। नए जज पहली बार इस केस को सुन रहे थे, इसलिए पूरी स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे थे।

हमेशा की तरह कल भी सरकारी पक्ष द्वारा मुद्दों से भटकाने की पूरी कोशिश हुई, वही पुरानी कहानी कि सब ठीक है, सब ठीक कर दिया।

कल अरुण भारद्वाज ने अदालत में बार-बार गलत बातें रखीं। उन्होंने यहाँ तक कहा कि डाबुआ फ़्लैट बिल्कुल ठीक है, उसमें कोई कमी नहीं,

अरुण भारद्वाज ने IIT रिपोर्ट और हमारे वरिष्ठ वकील संजय पारिख जी की बातों को गलत के दिखाने की कोशिश की। भारद्वाज ने कहा कि यह लोग जान बूझ कर ये भरम फैला रहे है, किसी भी एक जगह का फोटो दिखा कर के डबुआ के सभी फ्लैट रहने लायक नहीं है ये दिखा रहे है जब की ऐसा नहीं फ्लैट रहने लायक है। इतना ठीक है कि मैं भी वहाँ रह सकता हूँ।

हमारे वकील संजय पारिख जी ने उन्होंने साफ़ कहा कि लड़ाई पानी की नहीं, हैबिटेबिलिटी की है। फ्लैट रहने लायक ही नहीं है। अभी तक सीवरेज नहीं सुधरा • ड्रेनेज खराब है • दीवारें टूट रही है • ज्यादा तर फ्लैट कमजोर है • सीलन की समस्या बनी हुई है। और ये बात हम नहीं कह रहे है। फिर उन्होंने कोर्ट को पिछले ऑर्डर की याद दिलाई और कहा:
IIT रिपोर्ट में जो लिखा है, वही समस्या है, हम कुछ नया नहीं बोल रहे है।

काफी लंबी बहस के बाद कोर्ट ने कहा कि IIT को दोबारा डाबुआ जाकर निरीक्षण करना होगा, यह देखने के लिए कि जो काम 1 महीने में पूरा करने का आदेश दिया गया था, वह हुआ या नहीं।

IIT ने समय की समस्या बताई, पर कोर्ट ने स्पष्ट कहा:
अगर प्रोफेसर नहीं आ सकते तो दूसरी एजेंसी भेजिए। सच्चाई से बताइए, किसी से डरने की जरूरत नहीं।

कोर्ट ने 6 हफ्तों के अंदर डबुआ कॉलोनी का निरीक्षण पूरा करने का आदेश दिया है।

उसके बाद 4 हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा की जाएगी।

और जिन 95 फ्लैट को कैंसिल किया गया था और ब्लॉक 38 और 39 में शिफ्ट किया गया है जिन्हें पहले नहीं चेक किया गया था, तो जब भी IIT की टीम निरीक्षण के लिए आएं तो, उन ब्लॉक के एक-एक दो-दो फ्लैट के लोगों को IIT टीम के सदस्यों से प्यार से बात करके फ्लैटों की हालत दिखा दें। ज्यादा भीड़ न लगाए।

कोर्ट अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को होगी। जिसमें कई नए मुद्दे उठाए जाएंगे।

लड़ेंगे जीतेगे! लड़े हैं जीतें हैं!

टीम साथी।