खोरी अपडेट {234}
23 मई 2025
ज़िंदाबाद साथियो!
सुप्रीम कोर्ट में 21 मई 2025 को हुई सुनवाई में कुछ महत्वपूर्ण निर्देश और टिप्पणियाँ सामने आईं, जो हम सभी के लिए जानना ज़रूरी है।
सुनवाई में बहुत देर तक बहस चली। MCF (नगर निगम) के वकील अरुण भारद्वाज ने बार-बार कहा कि फ्लैट्स में कोई दिक्कत नहीं है और IIT की रिपोर्ट गलत है। उन्होंने अपनी बात को सही साबित करने के लिए इप्शिता मंडल को भी साथ लाया था। लेकिन जज साहब ने उनकी बातों को ज्यादा ध्यान नहीं दी। जज ने यहां तक कह दिया कि अगर आप इस रिपोर्ट को नहीं मानते, तो मैं इसे रिकॉर्ड में ले रहा हूं। ये सुनते ही अरुण भारद्वाज पीछे हट गए और रिपोर्ट को मान गए।
न्यायालय में हुई सुनवाई में नगर निगम और याचिकाकर्ताओं के बीच IIT दिल्ली की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। इस रिपोर्ट में डबुआ फ्लैट्स की स्थिति को लेकर गंभीर मुद्दे सामने आए, जिनमें शामिल हैं।
IIT की रिपोर्ट में क्या-क्या बताया गया?
95 फ्लैट्स असुरक्षित: रिपोर्ट के अनुसार, 95 फ्लैट्स नमी, जंग, और संरचनात्मक कमियों के कारण रहने योग्य नहीं हैं। न्यायालय ने नगर निगम को आदेश दिया कि इन फ्लैट्स में रह रहे लोगों को उन्हें एक महीने के अंदर दूसरे ठीक-ठाक घरों में भेजा जाए।
पानी और सीवर की दिक्कतें: पानी रुक-रुक कर आता है, टंकी ठीक नहीं है और पानी साफ नहीं किया जा रहा। सीवर की हालत भी खराब है जिससे बीमारी फैल सकती है।
बिजली और आग से सुरक्षा नहीं है: कई घरों में तार खुले लटक रहे हैं, वायरिंग खराब है, और आग बुझाने के इंतजाम जैसे फायर एक्सटिंग्विशर भी नहीं हैं।
सोलेशियम का भुगतान: जिन लोगों को सोलेशियम का भुगतान नहीं हुआ है। न्यायालय ने हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव को इसकी जाँच करने और 12 सितंबर 2025 तक पात्र लोगों को भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
खाली फ्लैट्स: लगभग 400 लोग फ्लैट्स का कब्जा लेने नहीं आए। न्यायालय ने आदेश दिया कि इन लोगों को 17 मार्च 2025 के आदेश के तहत एक और नोटिस जारी किया जाए। यदि वे तीन सप्ताह में कब्जा नहीं लेते, तो उनका आवंटन रद्द किया जा सकता है।
न्यायालय के निर्देश: नगर निगम को तीन महीने के भीतर IIT की सिफारिशों को लागू करना होगा, जिसमें पानी और सीवर की दिक्कतें, बिजली और आग से सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव या उनके द्वारा नामित वरिष्ठ IAS अधिकारी इस कार्य की निगरानी करेंगे। नगर निगम और आयुक्त को अगस्त 2025 के अंत तक प्रगति का हलफनामा दाखिल करना होगा।
अगली सुनवाई 12 सितंबर है।
साथियो, ये हमारी एक बड़ी जीत है। पहले नगर निगम ने कहा था कि फ्लैट रहने लायक हैं, लेकिन IIT की रिपोर्ट ने सच्चाई दिखा दी। हमारी टीम लगातार आपके लिए लड़ रही है। हम आपसे बस यही कहेंगे कि हमारे साथ बने रहिए, एकजुट रहिए। हम मिलकर ही जीतेंगे।
खोरी गांव के साथ और आपके सहयोग में।
टीम साथी!