खोरी अपडेट 212
[26-जनवरी-2024]
26 जनवरी खोरी गाँव के लोगों की सवार्थक संघर्ष
जिंदाबाद साथियों!
खोरी गाँव के लोगों ने 75 वें गणतंत्र दिवस के मौके पर, जो अब तक 3 साल से जारी है। बेदखल होने वाले गाँव के लोगों को सवैधानिक आवास के अधिकारों की सुनिश्चितता है।
इस दिन हमने घोषणापत्र पर बात किया, जिसका शीर्षक था,” न्यायसंगत, समतामूलक और समावेशी शहरों की ओर जन घोषणा-पत्र” पूरे भारत में कई जमीनी स्तर के समूहों के परामर्श के माध्यम से विकसित किया गया इस घोषणापत्र का उद्देश्य सरकारी जवाबदेही मांगने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एकत्रित मांगों को उजागर करना है। व इस संघर्ष में खोरी गाँव के लोगों ने सारे देश के लोगों के साथ मिलकर “सबका हक सबको अधिकार” की बात की है। उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि सभी नागरिकों को संविधानिक आवास का अधिकार होना चाहिए, और इसका समान अधिकार तमाम नागरिकों को होना चाहिए।
डबुआ से खोरी गाँव के लोगों ने अपनी हिम्मत को बरकरार रखकर इस संघर्ष में बहुत आगे बढ़ा हैं। उनका साहस और संघर्ष दिखाता है कि वे अपने हक के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं।
इस संघर्ष का राष्ट्रीय महत्व है, क्योंकि यह एक सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करता है, जो गणराज्य के मूल्यों के साथ मेल खाता है।
खोरी गाँव के लोगों का यह संघर्ष दिखाता है कि नागरिकों को अपने आधिकारों की सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से उत्तरदाताओं के प्रति अपनी कड़ी मांग को बनाए रखा हैं ।
टीम साथी!