फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र स्थित खोरी गांव में खाली कराई जा रही जमीन पर दो साल बाद भी बॉयोडायवर्सिटी पार्क विकसित नहीं किया जा सका है। नगर निगम ने एक बार फिर से खोरी में पौधे लगाने के लिए टेंडर जारी किया है। साथ ही खोरी गांव में दिल्ली बॉर्डर पर रेडीमेड बाउंड्रीवाल भी बनवाई जाएगी। इस पर करीब तीन करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर करीब दो साल पहले अरावली वन क्षेत्र स्थित खोरी गांव में नगर निगम ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 10 हजार मकानों को तोड़ दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने खोरी गांव के विस्थापितों को पुनर्वास के तहत फ्लैट देने को कहा था। जिस पर विस्थापितों को डबुआ कॉलोनी में फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दूसरी ओर खोरी गांव को बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने की योजना थी। नगर निगम ने खोरी गांव में पिछले साल 10 हजार पौधे लगवाने की योजना बनाई थी लेकिन 800 पौधे लगवाए गए। इसे खोरी में अवैध रूप से झुग्गी लगाकर रह रहे लोगों ने नुकसान पहुंचा दिया था। इसके अलावा निगम ने गुलमोहर, अमलतास और मौलसिरी पौधों के बीजों को गर्मी में खोरी गांव में छिड़कवाया गया था, हालांकि देखरेख नहीं होने पर पौधे विकसित नहीं हो सके। इस बार नगर निगम खोरी में बड़े स्तर पर पौधरोपण की योजना तैयार की है।
कंक्रीट की बनेगी बाउंड्रीवाल
नगर निगम ने पहले खोरी गांव में दिल्ली बॉर्डर की ओर से ईंट से बाउंड्रीवाल बनाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए करीब चार-पांच बार टेंडर दिया गया, लेकिन कोई ठेकेदार आगे नहीं आया। अब नगर निगम रेडी टू यूज यानि प्री कॉस्ट कंक्रीट की बाउंड्रीवाल बनवाने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग से मंजूरी ले ली है। इससे अरावली में चहारदीवारी बनाने में ज्यादा कठिनाई नहीं आएगी। इससे दिल्ली की ओर से खोरी में अतिक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। खोरी गांव दिल्ली बॉर्डर से लगा हुआ है। खोरी गांव में तोड़फोड़ होने पर अब दिल्ली का कूड़ा अरावली स्थित खोरी गांव में डाला जा रहा है।
बड़े स्तर पर पौधरोपण कराने की तैयारी
नगर निगम अब खोरी में खाली जमीन पर बड़े स्तर पर पौधे लगाने जा रहा है। निगम की योजना है कि ठेकेदार को खुद पौधे का एक साल तक रख-रखाव करना होगा। इसमें विभिन्न प्रजातियों वाले पौधे रोपे जाएंगे, हालांकि पहले सीएसआर के तहत संस्थानों की मदद से बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने की योजना बनी थी। 150 एकड़ में बनने वाले पार्क की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी है। बताया जा रहा है कि इसके लिए संस्थाएं आगे नहीं आएं। निगम का मानना है कि यदि यहां पौधरोपण हो जाएगा तो दोबारा अतिक्रमण नहीं होगा। खोरी में पौधरोपण के साथ एक साल तक देखभाल करने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। खाली कराई गई जमीन पर बड़े स्तर पर पौधे रोपे जाएंगे। साथ ही अब बाउंड्रीवाल प्री कॉस्ट होगी। इसका टेंडर एक-दो दिन में खुलेगा।
— ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
स्रोत/क्रेडिट
- अमर उजाला, समाचार: “दोन साल बाद भी खोरी में बॉयोडायवर्सिटी पार्क विकसित नहीं हो सका”, Updated Fri, 18 Aug 2023, 10:37 PM IST Amar Ujala