खोरी अपडेट (193)
21-जून-2023
जिंदाबाद साथियों!
आज हम एमसीएफ द्वारा तैयार की गई एक दूसरी लिस्ट भेज रहे हैं, जहां उनका दावा है कि निवासियों ने कभी भी अपने पुनर्वास फॉर्म जमा नहीं किए थे। जब हमने कई निवासियों से संपर्क किया और पाया कि उन्होंने अपने फॉर्म ऑफ़लाइन जमा किए थे राधास्वामी मे। इसलिए हम आपसे आग्रह करते हैं कि जब भी आप एमसीएफ को कुछ भी जमा करते हैं तो हमेशा ‘ रिसीविंग’ देने पर जोर देना चाहिए ।
इस सूची में उन्होंने 103 निवासियों के नाम दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन दिए गए हैं, एमसीएफ ने सभी से 13 जुलाई को इस बात के सबूत के साथ आने को कहा है कि आप ने पहले पुनर्वास अपील फॉर्म भरे थे। यह भी आवेदन करता को अच्छे से मालूम है की सबूत के नाम पर उन्होंने राधा स्वामी में निवासियों को कोई रिसीविंग नहीं दिया था परन्तु निवासियों ने पुनर्वास फॉर्म भरे थे। आप में से जिन लोगों ने अपने फॉर्म ऑफ़लाइन भरा था राधा स्वामी या MCF ऑफिस में, यदि आपके पास आपके सीरियल नंबर या टोकन नंबर या फिर उस समय का कोई कागज हो तो उन्हें अपने दस्तावेजों के साथ अपने साथ जरूर ले जाएं।
राधा स्वामी में अपील फॉर्म भरने के बाद भी जाँच किए बिना MCF अपील प्रक्रिया से लोगों को कैसे बेदखल कर सकते हैं और कह रहे है उन्होंने फार्म नहीं भरा था । हम इस मुद्दे को एमसीएफ के समक्ष उठाएंगे। लेकिन सभी को एमसीएफ से उनकी गलतियों के लिए जवाब मांगना चाहिए।
इसलिए आप सभी 13 जुलाई को अपने सभी जरूरी कागजात ले कर जरूर जाए और उनको सही से जाँचने के लिए भी बोले ।
और ऐसे कई लोग हैं जो अपने अपील फॉर्म जमा करने में असमर्थ थे क्योंकि उन्हें नहीं पता कि वेबसाइट से अस्वीकृति पत्र कैसे डाउनलोड किए जाएं या अपील की समय सीमा लाइन की खबर देर से मिली, या शहर में नहीं थे। अस्वीकृति पत्र सभी निवासियों को व्यक्तिगत रूप से भेजे जाने थे। चूंकि एमसीएफ ने ऐसा नहीं किया है, इसलिए हम अदालत मे इन सभी सबालों को उठाएंगे भी। कृपया चिंता न करें, जिन लोगों का लिस्ट मे नाम नहीं आया है उनके लिए हम कोशिश कर रहे है।
टीम साथी!